JAIVIK KRISHI SAMMELAN

रासायनिक उर्वरकों, हानिकारक कीटनाशकों , हाइब्रिड बीजों एवं अधिकाधिक भूजल उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति, उत्पादन, भूजल स्तर और मानव स्वास्थ्य में निरंतर गिरावट आई है।

किसानों की कृषि में बढ़ती लागत और बाजार पर निर्भरता कम करने के लिये सूर्या फाउंडेशन प्रतिवर्ष जैविक कृषि सम्मेलनों का आयोजन कर रहा है । जिसमें किसानों को जैविक कृषि, गौ आधारित खेती हेतु प्रोत्साहित करने के लिए और विभिन्न कृषि वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों के अनुभवों का आदान प्रदान होता है।

वर्ष 2020 में पं. बंगाल के दार्जिलिंग, मध्यप्रदेश के विदिशा, और हरियाणा के सोनीपत में ऐसे ही जैविक कृषि सम्मेलनों का आयोजन किया गया। जिसमे कुल 2000 किसान लाभान्वित हुए। अब अनेक किसान इस जैविक कृषि पद्धति को अपनाकर कृषि में न केवल अपनी आय बढ़ा रहे है बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवन जीने का अवसर भी प्रदान कर रहे है।

JAIVIK KRISHI SAMMELAN